एबी डीविलियर्स : हम शुक्रगुजार है कि उसने क्रिकेट को ही चुना

“यह टक्स क्रिकेट क्लब है। यह वही मैदान है जहां 14 साल पहले मैं पहली बार दक्षिण अफ्रीकी टीम का हिस्सा बना था। मैं आप लोगों को बताना चाहता हूं कि मैंने तत्काल प्रभाव से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास लेने का फैसला किया है।”

ये बात एक क्रिकेटर ने बुधवार को अपने ट्विटर अकाउंट पर 1 मिनट 35 सेकेंड के वीडियो को शेयर करते हुए कहा…आईए आपको बताते हैं कौन है ये क्रिकेटर

1.ऐसा क्रिकेटर जिसे अपने देश दक्षिण अफ्रीका की ओर से राष्ट्रीय हॉकी टीम की ओर से चयनित किया जा चुका है

  1. वो दक्षिण अफ्रीका की ओर सेजूनियर राष्ट्रीय टीम में भी चयनित हो चुका है
  2. वो दक्षिण अफ्रीका की ओर से जूनियर रग्बी टीम का कप्तान रह चुका है
  3. उसके नाम स्कूल स्तर पर 6 तैराकी रिकॉर्ड दर्ज है
  4. वो दक्षिण अफ्रीका जूनियर एथलेटिक्स में 100 मीटर रेस में सबसे तेज दौड़ने का कारनामा कर चुका है
  5. वो दक्षिण अफ्रीका डेविस कप टेनिस टीम के सदस्य भी रह चुका है
  6. ऐसा क्रिकेटर जो राष्ट्रीय बैडमिंटन अंडर-19 चैंपियन रह चुका है

इतने सारे रिकॉर्ड बनाने वाले के बारे में आपके दिमाग में एकबार ऐसा भी आ सकता है कि फिर तो वो क्रिकेटर पढ़ाई से कोसो दूर रहा होगा …तो बात दें जनाब, आप बिल्कुल गलत हैं…ऐसा बिल्कुल भी नहीं हैं

  1. वो क्रिकेटर साइंस प्रोजेक्ट के लिए नेल्सन मंडेला के द्वारा राष्ट्रीय मेडल से सम्मानित किए जा चुका है…

एक और दिलचस्प बात है कि ये क्रिकेटर एक अच्छा गायक भी है.. ‘माक जो ड्रोम वार’ नाम से उनका एक म्यूजिक अलबम भी है

उस क्रिकेटर का नाम है अब्राहिम बैंजामिन डी विलियर्स….क्रिकेट का सुपरमैन…मिस्टर 360 डिग्री… ( मिस्टर 360 डिग्री इसलिए कि मैदान के किसी भी कोने में किसी भी अंदाज में शॉट लगाने की प्रतिभा की वजह से नाम मिला )

ये तो एबी डिविलियर्स के क्रिकेट की दुनिया के बाहर की बात थी…अब क्रिकेट के मैदान पर उसके कारनामों की बातें भी पढ़ ली जाएं

( सभी आकड़े अंतर्राष्ट्रीय मुकाबले के हैं )

सबसे तेज वनडे अर्धशतक: 18 जनवरी 2015 को डिविलियर्स ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 16 गेंदों में अर्धशतक जड़कर वनडे में सबसे तेज पचासा जड़ने का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था.

सबसे तेज वनडे शतक: 18 जनवरी 2015 को डिविलियर्स ने वेस्टइंडीज के खिलाफ जिस वनडे मैच में सबसे तेज पचासा ठोका था, उसे उन्होंने शतक में बदल दिया.  डिविलियर्स ने 31 गेंदों में शतक जड़ दिया जो आज भी वर्ल्ड रिकॉर्ड है.

सबसे तेज वनडे 150:  डिविलियर्स ने 27 फरवरी 2015 को वेस्टइंडीज के खिलाफ सिडनी में खेले गए वर्ल्ड कप मैच में सिर्फ 64 गेंदों पर 150 रन बना दिए, जो वनडे में किसी भी बल्लेबाज द्वारा बनाया गया सबसे तेज 150+ स्कोर है.

एक ओवर में 34 रनः डिविलियर्स ने वेस्टइंडीज के खिलाफ साल 2015 में वर्ल्ड कप मैच के दौरान एक ओवर में 34 रन ठोक दिए थें

वनडे में 200 से ज्यादा छक्के:  एबी डीविलियर्स वनडे क्रिकेट में 200 छक्के मारने वाले अपने देश के पहले और दुनिया के छठे बल्लेबाज हैं. डिविलियर्स के नाम पर इस वक्त वनडे में 204 छक्के दर्ज है.

क्रिकेट वर्ल्ड कप में उपलब्धि: एबी डिविलियर्स का क्रिकेट वर्ल्ड कप में बेहद शानदार रिकॉर्ड है. उन्होंने वर्ल्ड कप में 23 वनडे मैच खेले हैं. उन्होंने वर्ल्ड कप के इन 23 मैचों में 63.52 की औसत से 1207 रन बनाए हैं, जिसमें 4 शतक और 6 अर्धशतक शामिल हैं. डिविलियर्स का वेस्टइंडीज के खिलाफ 2015 वर्ल्ड कप में 162 नॉट आउट सर्वोच्च वर्ल्ड कप स्कोर रहा है.

 

शानदार अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट करियर

डिविलियर्स ने द. अफ्रीका के लिए 114 टेस्ट, 228 वनडे और 78 टी 20 मैच खेले हैं। 114 टेस्ट मैचों में 8765 रन बनाए हैं जिसमें 22 शतक और 46 अर्धशतक बनाए हैं। वे एक बेहतरीन बल्लेबाज के साथ ही एक शानदार विकेट कीपर भी रह चुके हैं। देश के लिए काफी वक्त तक कप्तानी भी की है…उनकी गेंदबाजी भी देखने के लिए मिल चुकी है…

 

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से खुद को अलग करने का यह सही समय है – डिविलियर्स

अपने वीडियो संदेश में आगे डीविलियर्स ने कहा,  “114 टेस्ट, 228 वनडे और 78 टी-20 मैच खेलने के बाद यह समय दूसरों को मौका देने का है। मैं खुद को अलग कर रहा हूं। ईमानदारी से कहूं तो मैं थक चुका हूं। यह कड़ा फैसला है। मैंने इसके लिए बहुत सोचा और तब इतना कठिन फैसला लिया। मैं अच्छा प्रदर्शन करते हुए क्रिकेट को अलविदा कहना चाहता था। भारत और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज जीतने के बाद मैं सोचता हूं कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से खुद को अलग करने का यह सही समय है।”

उम्र को लेकर खेल के मैदान में एक पुरानी सच्चाई है कि संन्यास तब लो जब लोग पूछें ‘क्यों’ ना कि तब जब लोग कहने लगे ‘क्यों नहीं’…समकालीन क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाजों में से एक डिविलियर्स ने अचानक से क्रिकेट छोड़ने का फैसला लेकर सबको चौंका दिया…हर खिलाड़ी की इच्छा होती है कि वो खेल के मैदान से ही आखिरी विदाई मैच खेलकर संन्यास ले, लेकिन एबी ने तो ये भी नहीं किया…

अब ऊपर की पैराग्राफ में लिखी बातों का जिक्र फिर से कर लिया जाए….एबी डिविलियर्स का जन्म तो खेलों के लिए ही हुआ था….लेकिन उन्होंने क्रिकेट को ही क्यों चुना ? इसका कहानी भी बेहद दिलचस्प है..

 

“क्रिकेट को बस ‘बाई-चान्स’ ही चुन लिया था”- डिविलियर्स

एबी डिविलियर्स को खेल विरासत में मिला हुआ है..दक्षिण अफ्रिका के शहर वार्मबाथ में खेल के दीवाने तीन प्रतिभावान भाइयों में से सबसे छोटे भाई थे डिविलियर्स…इनके भाईयों के पिता पेशे से डॉक्टर होने के साथ साथ रग्बी के अच्छे खिलाड़ी भी थें….पिता ने ही डिविलियर्स को खेल के लिए प्रेरित किया.. डिविलियर्स को क्रिकेट के अलावा गोल्फ, रग्बी और टेनिस का भी बहुत शौक था..( जिसका जिक्र हम ऊपर भी कर चुके हैं ) हालांकि क्रिकेट में बेहतर होने के कारण उन्होंने इसे अपना करियर बनाया….खुद एक इंटरव्यू में एबी डिविलियर्स ने बताया था कि “क्रिकेट को इन्होंने बस ‘बाई-चान्स’ ही चुन लिया था. 1992 में हुए क्रिकेट विश्व-कप में दक्षिण अफ्रीका और पाकिस्तान के बीच एक मैच खेला जा रहा था…..तब महज 8 साल का ये लड़का टेलीविजन पर ये मैच देख रहा था…मैच के दौरान एबी डिविलियर्स ने जोंटी रोड्स जोंटी रोड्स का वो रन-आउट देखा, जो आज तक के टॉप रन-आउट में बना हुआ है. आगे वह बताते हैं कि यह खेल मुझे काफी अच्छा और शांतिप्रिय लगा. तब मैंने खुद से कहा, हाँ मुझे यही खेलना चाहिए. मैंने अपना रोल मॉडल जोंटी को ही माना है.” बस फिर क्या था ऐसे ही शुरू हो गई क्रिकेटर एबी डिविलियर्स की बनने की कहानी….खैर क्रिकेटर होने के साथ वो एक एक अच्छे गायक भी हैं। ‘माक जो ड्रोम वार’ नाम से उनका एक म्यूजिक अलबम भी है। डिविलियर्स ने 2013 में डेनिले स्वार्ट से शादी की। अब्राहम नाम का उनका एक बेटा है, जिसका जन्म 2015 में हुआ था…

 

 

साथियों का हमेशा एहसानमंद रहूंगा: डिविलियर्स

क्रिकेट के मैदान पर डिविलियर्स ने हमेशा ही खेल को खेल भावना से खेला…शायद ही कभी ऐसा रहा हो जब उनपर किसी और साथी खिलाड़ी से मिसबिहेब किया हो….विरोधी टीम के खिलाड़ी भी उन्हें सबसे अच्छा प्रतिद्वंदी मानते हैं…और शायद यही वजह रही हो कि उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर भी साथी खिलाड़ियों के लिए भी कहा है … उन्होंने कहा, “मेरे लिए यह चुनना सही नहीं होगा कि दक्षिण अफ्रीका के लिए मैं कहां, कब और किस फॉर्मेट में खेलूं। मेरे लिए हरा और पीला (दक्षिण अफ्रीकी टीम की जर्सी के रंग) या तो सबकुछ अथवा कुछ नहीं है। इतने वर्षों तक अपना समर्थन देने के लिए मैं हमेशा अपने टीम के साथियों, कोचेस और क्रिकेट साउथ अफ्रीका के स्टाफ का एहसानमंद रहूंगा.”

बस एक सपना अधूरा रह गया

डिविलियर्स का विश्वकप चैम्पियन टीम का हिस्सा बनने का सपना अधूरा ही रह गया… उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के लिए 3 विश्वकप खेले, लेकिन कभी ट्रॉफी नहीं जीत पाए…

डिविलियर्स की कप्तानी में एक बार दक्षिण अफ्रीकी टीम सेमीफाइनल में पहुंची थी, लेकिन वहां उसे न्यूजीलैंड के हाथों हार का सामना करना पड़ा था…तब डिविलियर्स मैदान पर ही रोने लगे थें…

दक्षिण अफ्रीका की ओर से उन्होंने 4 बार चैम्पियंस ट्रॉफी टूर्नामेंट में भी खेला, लेकिन यहां भी चैम्पियन बनने का उनका सपना पूरा नहीं सका

आपकी कमी खलेगी – सचिन तेंदुलकर

डिविलियर्स के अचानक संन्यास की घोषणा करने से समूचा क्रिकेट जगत स्तब्ध रह गया….हर किसी ने डिविलियर्स के इस फैसले पर हैरान जताई…सचिन तेंदुलकर ने ट्वीट कर कहा, “जैसे आपने मैदान पर अपना खेल दिखाया, उम्मीद करता हूं मैदान के बाहर भी 360 डिग्री सफलता हासिल करेंगे…तुम्हारी कमी निश्चित रूप से खलेगी….

 

 

 

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