चीयरलीडर्स की एक महीने की कमाई सिर्फ इतनी होती है

आईपीएल का खुमार अपने चरम पर है, आज यानी 27 मई की रात ये तय भी हो जाएगा कि आईपीएल-11 का बादशाह कौन बना और किसे मात मिली । साल 2008 से शुरू हुआ आईपीएल हर साल किसी न किसी नए सितारे को जन्म देता है अगर हम सितारों को जन्म देता है कहें तो ये गलत नहीं होगा । इस आईपीएल के सबसे बड़े सितारे अफगानिस्तान के खिलाड़ी जो इस बार सनराइजर्स हैदराबाद की तरफ से खेल रहे हैं राशिद खान हैं । लेकिन आईपीएल में क्रिकेटरों के इतर भी खिलाड़ियों की टीमें होती हैं जो आईपीएल के रंग को और गाढ़ा करने में पूरी शिद्दत से लगी रहती हैं और वो हैं चीयरलीडर्स। क्रिकेटरों के मेहनताना के तौर पर लाखों करोड़ो मिलते हैं लेकिन आखिर इन्हें मेहनताना के तौर पर कितने लाख, करोड़ मिलते हैं और क्या ये अपनी मेहनत के बदले में मिलने वाले रकम से खुश हैं बताते हैं पूरी तफ्तीश से ।

कहां से आती हैं चीयरलीडर्स ?

चीयरलीडर्स

 

ज्यादातर चीयरलीडर्स विदेश की ही होती हैं । इस साल 8 टीमों में से 6 टीमों की चीयरलीडर्स विदेशी मूल की हैं सिर्फ चेन्नई सुपर किंग और राजस्थान रॉयल्स के चीयरलीडर्स देसी मूल के हैं । लोगों को ऐसा लगता है कि ज्यादातर चीयरलीडर्स रूस की होती हैं लेकिन ये बात काफी हद तक सही कि चीयरलीडर्स रूस की कम जबकी ज्यादातर यूरोप के देशों से आती हैं । चीयरलीडर्स ज्यादातर प्रोफेशनल होती हैं इसका मतलब ये है कि वो अच्छी डांसर होती हैं ।

कितनी होती है चीयरलीडर्स की सैलरी ?

आईपीएल

विदेशों से जितनी चीयरलीडर्स आती हैं वो एजेंसी के जरिए आती हैं और इन्हीं एजेंसियों से उनका करार होता हैं । चीयरलीडर्स की सैलरी महीने के हिसाब से तय होता है । यानी उनकी सैलरी करीब पौने दो लाख महीना होता है। यूरोप के देशों की चीयरलीडर्स और बाकी देशों की चीयरलीडर्स की सैलरी में अंतर होता है । चीयरलीडर्स के मुताबिक उनकी मेहनत के बदले उन्हें पैसे कम मिलते हैं । हालांकि कुछ का शौक है और कुछ का कहना है कि उन्हें भारत में आकर बहुत अच्छा लगता है । जब लोग उनका ऑटोग्राफ मांगते हैं तो उन्हें किसी सेलेब्रिटी जैसा मेहसूस होता है ।

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