Holi 2018: बुरा मानो चाहे ना मानो ! होली है ….

Holi 2018: बुरा मानो चाहे ना मानो ! होली है ….

होली खेल लिया ना …रंग फेंक लिया ना ….और कुछ किया या ना किया कपड़े फाड़ दिया ना ….बस, बस..फिर तो हो गई होली …भयंकर वाली होली…कपड़ाफाड़ होली…..अरे गुझिया खाया कि नहीं …हां…तब तो एक जालिम वाली होली खेली है आपने….

चलिए आपको ऐसी शायरी दिखाने जा रहे हैं जिसको पढ़ने के बाद होली का माहौल और भी चढ़ता हुआ नजर आएगा आपको…

  1. तेरा रंग तो पहले ही कब का चढ़ चुका है इस मन पर,

    ये होली तो तेरे रूखसार छूने का फ़क़त एक बहाना भर है ।

 

साभार – सोशल मीडियाहोली आयी

और चली गयी,सब की दुनिया रंगी गयी
मैं मासूम लिए दिल अपना जाने कितनी बार चली गयी

साभार – सोशल मीडिया

मौसम-ए-होली है दिन आए हैं रंग और राग के
हम से तुम कुछ मांगने आओ बहाने फाग के
मुसहफ़ी ग़ुलाम हमदानी

 

साभार – सोशल मीडिया

होली के अब बहाने छिड़का है रंग किस ने
नाम-ए-ख़ुदा तुझ ऊपर इस आन अजब समाँ है
शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम

साभार – सोशल मीडिया

सजनी की आँखों में छुप कर जब झाँका
बिन होली खेले ही साजन भीग गया
मुसव्विर सब्ज़वारी

साभार – सोशल मीडिया

मुहय्या सब है अब अस्बाब-ए-होली
उठो यारो भरो रंगों से झोली
शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम

 

आशा है आपकी जिंदगी हमेशा रंगों में डूबी रहे। आपको खुशहाल और रंगीन होली की बधाई ! होली दोस्ती के रिश्ते को गहरा करने और उसमें रंग भरने का दिन है..इस अवसर पर हर किसी से प्यार करो, नफरत किसी से मत करो, माफ करो, भूल जाओ और मजे करो, आपको आनंदित और रंगीन होली मुबारक ।

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